Social Activity BSP
बिलासपुर (Social Activity BSP)।
अटल बिहारी वाजपेयी (एबीवी) विश्वविद्यालय में चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर गंभीर अनियमितताओं की आशंका जताई गई है। एनएसयूआई के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह ने महामहिम राज्यपाल के नाम कलेक्टर रजनी भगत को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
रंजेश सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में निर्माण कार्यों के क्रियान्वयन में प्रशासनिक और वित्तीय प्रक्रियाओं के पालन को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि इन कार्यों का निष्पादन अन्य राज्य के एक शासकीय उपक्रम के माध्यम से कराया जा रहा है और मूल्यांकन दिल्ली के शेड्यूल ऑफ रेट (SOR) के आधार पर किया जा रहा है, जबकि छत्तीसगढ़ में लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्धारित दरें प्रचलित हैं।
इसके अलावा, निर्माण कार्यों का अनुबंध जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश के माध्यम से अहमदाबाद स्थित एक शासकीय उपक्रम को दिया गया है। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और वैधता पर सवाल उठते हैं। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि संबंधित संस्था को लगभग 23 प्रतिशत अग्रिम भुगतान किया गया है, जो वित्तीय नियमों के विपरीत है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका व्यक्त की गई है।
रंजेश सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य के लोक निर्माण विभाग और अन्य शासकीय निर्माण एजेंसियों की उपेक्षा की गई है, और बिना आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति के कार्य प्रारंभ किए गए हैं। उनका कहना है कि यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल वित्तीय अनियमितता का मामला होगा, बल्कि स्थानीय ठेकेदारों और श्रमिकों के अवसरों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
एनएसयूआई ने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और संबंधित संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि शासन की पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।
ज्ञापन सौंपते समय एनएसयूआई प्रदेश सचिव रंजेश सिंह, पुष्पराज साहू, करन यादव, राजा खान, सुमित ठाकुर, वेद राठौर और विक्की मौजूद थे।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद


.jpeg)




.jpeg)

